है तो है
By Seema Kaushik "Mukt"
हमें तुमसे प्यार है तो है
हमें ख़ुद पे एतबार है तो है
फर्क नहीं पड़ता तू चाहे न चाहे
हमारी चाहत बरकरार है तो है
कोई हमारे साथ हो न हो
रब हमारे साथ है तो है
हम कितना भी करे सबके लिए मगर
सभीको हमसे शिकायत है तो है
छोड़ो ये सुख-दुःख का रोना धोना
सुबह के बाद शाम, दिन के बाद रात है तो है
आज पा लिया हो चाहे जितना
कल बहुत कुछ पाने का अरमान है तो है
माफ़ी मांगी हों लाख तुमने गुनाहों की
मगर दिल में हमारे कसक है तो है
माना नहीं हक़ हमारा किसी की ज़िन्दगी पे
मगर कुछ बातों पे ऐतराज़ है तो है
लोगों को भाती होगी समझदारी लेकिन
हमें मासूमियत लुभाती है तो है
छोड़ो घुमा फिरा के बातें करना जनाब
आपको हमसे प्यार है तो है
By Seema Kaushik "Mukt"

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