हिंदुस्तान
By Nisarg Shah
हमारा यह देश नही कर्तव्य है,
धर्मों का यह संगम भव्य है।
हमारी गरीबी हमारी सच्चाई है,
हम इसे हटाए, इसमे ही अच्छाई है।
रक्षा करने वाले बुलंद जवान है,
हमारे पेट को भरने वाले मेहनती किसान है।
इसके लिए हमारा दिल धड़कता है,
कोई बुराई करे तो कलेजा हमारा भड़कता है।
यह हमारा कोई नही यह फिर भी मूल्यवान है,
यह प्यारा सा देश हमारा नाम हिंदुस्तान है।
वो अंग्रेज़ हमारी गरीबी देखने आते थे,
हमे देखकर मन-ही-मन वो मजाक उड़ाते थे।
अब वक्त हमारा है हम आगे जाएंगे, पर,
उनके तरह नही हम स्वाभिमानी से जाएंगे।
मंगलयान भी हमने किया चंद्रयान भी हमने किया,
तारीफ भी हमारी हुई पर छक्के उनके छुड़े थे।
हम साफ़ नही थे, अब साफ़ हो रहे है,
हम अनपढ़ गवार थे, अब सबसे ज्यादा पढते हैं।
हम एकसाथ नही थे, पर अब हम साथ-साथ है,
यह प्यारा सा देश हमारा नाम हिंदुस्तान है।
By Nisarg Shah

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