हाँ मैं वही हूँ
By Deepika
जो तुम बार बार पढ़ते रहते हो,
हां मैं वही किताब हूं;
जो तुम बार बार करते रहते हो,
हां मैं वही हिसाब हूं।
कहने को तो हां,
मैं उस आसमान का टुकड़ा एक नायाब हूं;
पर देखे अगर तुम्हारी नजर से तो,
हां मैं रोशनी का आफताब हूं।।
By Deepika

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