हसीन पल
By Poonam Subhash Jadhav.
कुछ यादे है बहुत खास सी,
दिल के एकदम पास सी,
जिंदगी मे ऐसे पल कभी न बिताए,
इसलिए तो इन पलों कि यादे इतना सताए,
सुना था बस हमने पिता का प्यार,
जाना भी था,
पर महसूस पहली बार किया,
जब सोचा होगा भगवान ने,
खुशियों कि डोरी कैसे बाँधे एक बेटी से,
तभी उसने,
"बाप"नाम का एक जादुगार बना दिया,
जो जादु तो सच में नही जानता,
पर बेटी के सामने,
हमेशा उसकी खुशियों का पिटारा है खोलता,
जो,चाहे वो सब देता है लाकर,
पर कोई इतना,
कैसे खुश हो सकता है,
बस बदले में एक मुस्कान पाकर,
आँखे बंद कहाँ होती है,
जब हम बिमार होते है,
सारी रात जगते रहते,
अच्छे से कहाँ सोते है,
दिन में दस बार फोन करेंगे,
जब हम बाहर होते है,
सुकून कि साँस लेते है,
जब हम घर वापस आते है,
गलतियाँ मेरी हमेशा माँफ है होती,
"पापा"वो इंसान है,
जिनको मुझमे,
कोई कमी नजर ही नही आती,
कुछ बनने कि उम्मीद हमेशा मुझमे जगाते,
मेरे सपनों के छोटे पंछी को,
वो खुले आसमान में उड़ना सिखाते,
अगर उपरवाला भी उनकी जगह होता,
तो भी यह सब कर नही पाता,
जिंदगी के सब से हसीन पल,
"पापा" के संग बिताए हुए पल है,
मेरा आज तो उनसे ही है,
और उनसे ही आनेवाला कल है,
शुक्रगुजार है हम,
जिसने यह जहाँ बनाया है,
हजारों तारे टुटे होंगे,
उस ख्वाईश के लिए,
तभी तो उसने,
"पापा" को बनाया है....
By Poonam Subhash Jadhav.

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