हरे गहने
By Tara Chand Saini
यह सच है कि आंधी आयेगी
तूफ़ान आयेगा
और उस तेज अंधड़ के साथ
पेड़ कोई गिर जाएगा
यह भी सच है कि
भूख लगेगी
खाना पकाया जाएगा
पेड़ कोई धरासायी किया जाएगा
यह सच है कि
और किसी काम से
पेड़ों को जमी से उखाड़ा जाएगा,
धरती को पेडविहिन किया जाएगा
यह भी सच है कि
कल को कोई राजमार्ग बनेगा
नई कॉलोनियां बसाई जाएगी
नई फैक्ट्री खुलेगी
नया नगर बसाया जाएगा
उनके दायरे में आए पेड़ों की बलि लगेगी
सच तो यह भी है कि
इंसा इसी जमीं पर रहेगा
ये आबादी भी रहेगी।
जब तक ये धरती रहेगी
जिंदा रहने के लिए
सांस भी लेना होगा
पेड़ की छांव की भी जरूरत होगी
मीठे-मीठे फलों की भी चाहत होगी
सच तो बड़े बुजुर्गो ने भी कहा है
कि पेड़ काटना बुरा नहीं है
बुरा तो केवल पेड़ काटते रहना है
और बदले में पेड़ नहीं लगाना है
क्षतिपूर्ति के लिए कई पेड़ लगाने होंगे
आबो हवा को शुद्ध करने वाले
ठंडी छांव देने वाले
मन को सुकून देने वाले
पेड़ बचे रहने चाहिए
इंसानियत बची रहनी चाहिए
पेड़ कटने से बचने चाहिए
सच तो यह भी है कि
बिना पेड़ों के जीवन बेमानी है!
पेड़ों को बचाना
पेड़ों को बचाना उतना ही जरूरी है
जितना अपने बच्चो की देखभाल
प्रकृति के निर्मित इन जंगलों को बचाना होगा
नए जंगल भी लगाने होंगे
ताकि जिंदा रहने के लिए
अत्यंत जरूरी चीज़े बची रहे
शुद्ध हवा पानी...
जंगल धरती के हरे गहने है
इन्हें बचाना होगा किसी भी हाल में
एक दिन शुद्ध हवा के लिए
वरना तरसना होगा...
By Tara Chand Saini

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