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स्वच्छ दिल और स्वच्छ प्यार

Dec 14, 2022
2 min read

By Dr Meenakshi Saini


है क्यों हैरान तू, क्यों है परेशान तू,

क्या नहीं मिला तुझे, किसकी थी चाह तुझे,

क्यों उलझा है तू, ये बेतुकी सी उलझनों में,

बाहर आजा इनसे, और लगाम तू लगा ।


देख ज़रा आसपास, दिल में रख कोई आस,

कुछ नहीं मिला तुझे, ये भी क्यों लगा तुझे?

वो नहीं मिला तुझे, क्या जो तुझको चाहिए ?

जो है मिला तुझे, देख जरा उसको आज,

जो तुझको है मिला , वो नहीं किसी के पास।


सब कुछ गर मिल गया, तो मांगेंगा खुदा से क्या,

कुछ तो उससे मांगने, के लिए तू छोड़ दे ।

कितना कुछ तो मिला है,,,हवा, पानी, रोटी आज,

और जो भी चाहिए , उमीदों पर छोड़ दे।

देखना है देख ले, सपने तू और आज,

पूरा करने के लिए, मेहनत भी कर ले आज।


खुश रहना सीख ले, खुशियां ही मांग डाल,

खुशियां ही बांट ले, खुशियों को ही बढ़ा।

खाली हाथ आया है, खाली ही जाएगा,

रिश्ते ही पूंजी हैं, उनको संभाल।





पैसा पैसा करता है, पैसा ही कमाता है,

कमाना है तो कुछ , अच्छे कर्म ही कमा।

घर में तेरे रिश्ते हैं, बाहर भी जो मिलते हैं,

सब चेहरों पर, मुस्कुराहट तो ला।


डरता है तू अपने से, डरता है कुछ करने से,

अपने अंदर जोश की, ज़रा आग तो जला।

दूजे को बुरा कहता है, दूजे से तू जलता है,

बेहतर पहले उससे, काम करके तो दिखा।


सच से तू दूर है, झूठ तेरे साथ है,

अपने गिरेबान में ज़रा झांकता तो जा,

बुरा किसी का करने में , पीछे नहीं हटता है,

जा कर फिर मंदिर में, घंटियां बजाता है,

भगवान से गर डरता है, अपना अच्छा चाहता है,

किसी की भी ज़िन्दगी में, एक खुशी तो दे आ।


दिल में तेरे चोर है,ज़ुबान पर मिठास,

पीठ पीछे और है ,सामने सबका,

ऐसे बर्ताव का, विसर्जन ही कर आ।

हो जाएगा तेरा दिल, जब बहुत ही साफ,

भर लेना उसमें, सिर्फ प्यार ही प्यार,

बांट देना उसको, फिर सारी ही दुनिया में,

लौट के फिर आएगा , तेरे भी पास।

मत रख शिकवे गिले, तू अब किसी के साथ,

माफ़ कर दे सबको, और मांग ले तू भी आज

बहुत प्यारी दुनिया है , सब कुछ है प्यारा,

क्यों ना स्वच्छ प्यार का लगा दें हम सब नारा।


त्याग दें सब नफरतें, त्याग दें बुरे विचार,

त्याग दें सब छल कपट, लें अब यही शपथ,

नारा अपनाएं हम, सब तरफ फैलाएं हम,

स्वच्छ दिल और स्वच्छ ही प्यार,

स्वच्छ दिल और स्वच्छ ही प्यार।


By Dr Meenakshi Saini





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