(स्त्री )
By Aakash Deep
स्त्री के मुख पर
स्वेद की बूंदों को
देख ये ज्ञात हो सका
कि,
सुंदरता के लिए दिए गए
सभी उपमान
कितने निर्रथक है,
सुंदरता देखते समय
मनुष्य स्त्री के संघर्ष की
कभी कल्पना
नही कर सकता,
जैसे फसल के लहराने से
पूर्व ज़मीन के
संघर्ष को
वह कभी नही जान सका,
जिसने जीवनपर्यन्त
मात्र फल ही तोड़े है
कभीउगाएनही।।
By Aakash Deep

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