सोचा था
Updated: Aug 21, 2025
By Mogal Jilani
सोचा था मिलेंगे तो पूछूंगा किसी दिन
दिन गुजरते गए और पूछा भी ना गया
मेरे दिल बता ये दिन क्या है
मेरे रब तू बताब्ये मसला क्या है
सुब्ह देखी भी नही
और शाम गुजर जाती है
जिन्दगी जी भी नही
और उम्र गुजर जाती है
सोचा था मिलेंगे तो पूछूंगा किसी दिन
दिन गुजरते गए और पूछा भी ना गया
अभी तो उनसे मिलना था
सोचा था बहोत कुछ
और कहेना था बहोत कुछ
एक बात में कहेना ना था वो सब कुछ
और एक बार में जीना था वो सब कुछ
अभी तो उनसे फिर मिलना था
मिलते भी नही और फिर बिछड़ जाते है
दिन कटते भी नही और साल गुजर जाते है
अभी तो हम सफर संग चलना था थोड़ा और
अभी तो जिंदगी संग जलना था थोड़ा और
अभी तो उनसे मिलना था थोड़ा और
सोचा था थोड़ा और
कहेना था थोड़ा और
रुकना था थोड़ा और
रहेना था थोडा और
अभी तो उनसे मिलना था
सोचा था बहोत कुछ
कहेना था थोड़ा और
सोचा था मिलेंगे तो पूछूंगा किसी दिन
दिन गुजरते गए और पूछा भी ना गया
सुब्ह देखी भी नही
और शाम गुजर जाती है
जिन्दगी जी भी नही
और उम्र गुजर जाती है
मेरे दिल बता ये दिन क्या है
मेरे रब तू बता ये मसला क्या है
By Mogal Jilani

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