सुकून
By Shruti Lodha
कितना कुछ छिपा सिर्फ एक लफ्ज़ में
कुदरत की बनाई हर चीज में
समंदर के किनारे बैठे उन लहरों में
लहरों के सहारे महकी उस हवा में
हवा के साथ बेहते उन बादलों में
बादलों के आयने में छुपी उस बारिश में
बारिश में वो चेहरे पर सिसकती उस बूंद में
बूंद के मिट्टी से मिलने की उस खुशबू में
खुशबू के महखाने से सजी उस वादी में
वादी के बहते झरने देखने की उस खुशी में
खुशी के लम्हात किसी अपने की आखों में
आखों की खामोशी परखने की उस इज़ाजत में
इजाज़त ले कर किसी इंसान को पढ़ने में
पढ़ कर उसे अपनी किताब बनाने में
किताब के पन्नों में उस शक्स को सजाने में
सजाते हुए उसकी खामोशी लिख जाने में
लिखतेहुएउसेअपनासुकूनबतानेमें..
By Shruti Lodha

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