सही है सही
By Amit Kumar
सही है सही
बात फिर वही
तू तुम तेरी
और मेरी मैं भी ना रही
सही है सही...
कम की आदत
ज्यादा कभी मिला नहीं
उसमें भी जो था मेरा
वो भी तुझसे लिया नहीं
सही है सही ...
सुन..सुनकर सुनना ही
बेलफ्ज़ सही सब कहना भी
आँखों की ये जो भाषा है
बिन बोले सब पढ़ना भी
सही है सही...
हर चाह हुई चाहत सी
दिल की दिल से शिकायत सी
पूरी ना हो..नाराजी है
जो हो राजी, इबादत सी
सही है सही...
याद यादों मैं रही कभी
ना तू गलत और मैं सही
रिश्तों की ये परिभाषा है
हारें भी तो गिला नहीं
सही है सही....बात फिर वही.
By Amit Kumar

Comments