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समजो ना

Nov 9, 2022
1 min read

Updated: Dec 2, 2022

By Silky Dhameja







तुमने कहा था हर एहसास समझोगे तो यह भी एक समजो ना!

यह भी तो समजो ना

की,

ज़िमेदारी से नहीं थकी मगर कुछ देर के लिए आराम करना है!

की,

तुमसे या तुम्हारे परिवार से नहीं डरती मगर अपने सपने ना छूट जाएँ उसकी चिंता रहती है!

की,

सब कुछ मूज़े ही करना पड़ेगा इसलिए बच्चा नहीं कर रही मगर अपने आप पे विश्वास नहीं हो रहा की में अच्छी माँ बनूँगी या नहीं?

की,

सिर्फ़ हर बात में लड़ाई कर ख़त्म कर देना है रिश्ता मगर कुछ तुम समजो कुछ में समजूँ कर यह भी एक एहसास समजो ना!

की,

तुम्हारे मेरे माँ बाप अब अलग नहीं मेरे लिये मगर जिसने जन्म दिया उससे कैसे लगाव छोड़ दु?

की,

तुम्हारे होने से ही तो में हूँ यह ज़रूरी नहीं मगर तुम्हारा होना बोहत बोहत ज़रूरी है!

की,

सिर्फ़ सुख ही सुख हो में यह नहीं कहती मगर दुख में सुख के दिन ना भूलें यह याद रखना है ना!

की,

इस पल में खुश रहें वहीं ज़रूरी है ना जन्मों की कहानियाँ तो सिर्फ़ सुनी है ना देखी कहाँ है?

की,

तुम एहसासॉ को समजो यह भी एक एक कमी लगती है कभी!

की,

तुमने कहा था हर एहसास समझोगे तो यह भी एक समजो ना!


By Silky Dhameja





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