सफरनामा
By Dr Digvijay Jadhav
सबसे खूबसूरत चीज़ !
चलते चलते काफी लोग अकसर रूक जाते है ,
सोचते है वो मंजिलोंके बारे में ,
सोचते है रास्तों के बारे में,
.
कुछ लोगों को रास्ते मिल जाते हैं ,
कुछ लोगों को दिशाएं मिल जाती है...
कुछ लोग अकेले चल पड़ते है ,
तो किसीको हमसफर मिल जाते है...
.
कुछ लोग राह भटक जाते हैं और कहिपे
भटकी हुई रहोंको मंजिले मिल जाती है..
.
संसार में चाहे कुछ भी चल रहा हो,
लेकिन समय का कांटा रुकता नही..
तुम्हारी गति कितनी भी हो ,
जीवन का सफर रुकता नही..
.
छोटासा सफर है यह
उडने की ख्वाईशे जिंदा रहिये...
कुर्सी की पेटी बांध लीजिये
और सफर का आनंद लीजिए!!
By Dr Digvijay Jadhav

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