सफ़लता
By Shivali Bhardwaj
परिस्थित कैसी भी हों एक दिन बदल जायेगी
ये अंधेरी रात एक दिन गुजर जायेगी
तू मेहनत करते रहना
तेरी सफलता एक दिन शोर मचाएगी
ना डरना तू रास्ते में आते कांटो से
बस बढ़ते जाना तू आंधी तूफानों को पार करके
हर जाए तो पीछे मत हट जाना
हार जीत कर तू एक दिन अपना नाम बनाना
लाज रख अपने पिता की तू उनके सर को गर्व से उठाना
अपनी मां की दुआओं को तू एक दिन हकीकत बनाना
झुकने देना ना तू सर मां बाप का
तेरी सफलता से जलते लोगो को तू सफल होकर दिखाना
कुछ हराएंगे तुझे तो कुछ तेरे जज्बातों से खेल जायेंगे
तू रखना मकसद अपना एक ही
तेरी तर्की से वो खुद तेरे आगे सर झुकाएंगे
कुछ मारेंगे ताने तुझे कुछ तुझे जलील करेंगे
सुन लेना बातें सबकी
जवाब तेरी सफलता से ही इन सब को मिल जायेंगे
वो हसीन होगा दिन तेरा बोही तेरी दिवाली होगी
जब पूरी दुनिया पर तेरे नाम की जय जय कार होगी
गर्व से खड़े होंगे मां पापा तेरे आंखों, में आंसू दिल में
सुकून की लहर होगी
परिस्थित कैसी भी हों एक दिन बदल जायेगी
ये अंधेरी रात एक दिन गुजर जायेगी
तू मेहनत करते रहना
तेरी सफलता एक दिन शोर मचाएगी
By Shivali Bhardwaj

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