सच्चा प्यार
By Priya Diwan
आज फिर वही तेरा इंतज़ार कर रही थी,
जाने मैं क्यूं इतना बेकरार हो रही थी।
माना कि ये पहली दफा नहीं था मिलना,
पर जरूरी नही भावनाओं का वक्त के साथ बदलना।
शायद इसे ही सच्चा प्यार कहते हैं,
जो हम आपसे बेइंतेहा करते हैं।
By Priya Diwan

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