श्रृंगार
Updated: Dec 2, 2022
By Drpoonam
कभी सोचते हैं, क्यूँ है ये श्रृंगार सच में मुझे सजाने के लिए
या मुझे बांधने के लिए है?
क्या हो जायेगा नहीं लगाऊँ ये बिंदी,
मेरी बिंदी क्या तुम्हे पूरा करने के लिए है?
क्या हो जायेगा नहीं पहनू मंगलसूत्र,
या जिंदगीभर के लिए मेरे गले पड़ गए हो,
ये जताने के लिए है?
चूडी,कंगन, अंगूठियाँ नहीं पसंद मुझे इनमें
बंधना और जकड़ना।
बांधना है तो अपने प्यार में बांधो,जकड़ना
है तो विश्वास में जकड़ो। तब कोई बात है
सच सच बताना नहीं है न भरोसा मुझपर की कहीं भाग न जांऊ?
तुम सुन पाओ मुझे दूर तक इसलिए ये पायल पहनाई है?
यकीन माने मेरा अगर तुम साथ दो मेरा,
ये कोई मायने नहीं रखता मैं कितनी अलंकृत हूं।
तुम्हारा प्यार और विश्वास ही काफी है,
मुझे संवारने के लिए ।
By Drpoonam

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