शिक्षक
By Poonam Kumari
शिक्षा देने वाला
लेकिन क्या उनकी सीमा वहीं तक है
और क्या उनकी कोई सीमा है भी?
क्या वो हमारे दोस्त नहीं?
जो हमें गलतियां करने पर टोकते हैं
क्या वो हमारा परिवार नहीं?
जो हमारी परवाह करते हैं
क्या वो हमारे निर्माता नहीं?
जो हमारा आने वाला कल निर्मित करते हैं
और क्या वो हमारे भगवान नहीं ?
जो हर कदम पर हमारा साथ देते हैं
और हमारी रक्षा करते हैं
तो क्यों हमने उन्हें केवल
शिक्षा के दायरे में बांध दिया?
क्यों हम चाहते हैं की
बस वो पढ़ाएं और चले जाएं
क्या वो हमारे जीवन का
सबसे महत्वपूर्ण अंग नहीं?
कहते हैं बचपन से बड़े होने के सफर में
गुरु की भूमिका सबसे ज्यादा जरूरी होती है
और इसलिए पौराणिक समय में
गुरु दक्षिणा की प्रथा थी
हम इतने काबिल तो नहीं
की अपने गुरुओं को कुछ दे सकें
पर आइए आज हम सब मिलकर
इस शिक्षक दिवस पर
उन सभी गुरुओं को याद करें
जिन्होंने हमारे यहां तक के सफर में
हमारा साथ दिया
और जो आने वाले कल में
हमेशा हमारे साथ खड़े रहेंगे
By Poonam Kumari

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