शिकायत
Updated: Jun 2, 2023
By Ankita Garg
इश्क नहीं हमने तुमसे टूट कर मोहब्बत की थी,
तुमने हमारा हर कदम इस्तमाल कर भी हमसे शिकायत की थी,
अंजाम बिना सोचे और समझे हम बस चलते थे तुम्हारी बताई राहों में,
अच्छाई की आड़ में तुम आ बैठे हमारी बाहों में,
पता चल रहा था हमें कि तुम गलत कर रहे हो कुछ,
पर तुम्हारे प्यार में अंधे बन गलत को भी सही और समझा हमने सच,
परिवार का सहारा ले धोके तुमने दिए बहुत हमें,
आज पछतावा होता है मेरी जान अपनी ज़िन्दगी सौंप तुम्हें,
अब जो चले गए हो हमारी ज़िन्दगी से तुम करके उसे बरबाद,
कोशिश जारी है कि अब जिंदगी संवार करना है उसे आबाद,
अब खुद को समेट करूंगी तुझको साब्बित कि सिर्फ सजाने की गुड़िया नहीं हूँ मैं किस-किस काबिल,
तू दूर खड़ा देखता जा मेरी ऊंचाइयों पर पहोंचने की कोशिश,
अब ना चलेगा तेरा जादू और ना असर करेगी तेरी कशिश...
By Ankita Garg

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