शायरीHashtag KalakarMar 2, 20231 min readRated NaN out of 5 stars.By Mansiगुरूर क्या है ये माँ बाप को खुश देख के समझ आयावक़्त क्या है ये दोस्तों के साथ बीता के समझ आयावेसे तो गया हूँ मैं बहुत जगह……..मगर सुकून क्या है ये तुम्हें देख कर समझ आया ||By Mansi
Comments