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शायरी

By Mansi




काश एक मुलाकात हो

मेरी नज़रे और तेरा दीदार हो

यूं भर लूँ तुझे अपनी आँखों में

कि फिर कभी मुलाकात की तलाश ना हो ||


By Mansi





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