शराबी
By Rajesh Kumar Verma
आज देखा मैंने उसे
शराब में धुत सड़क पर पड़े हुए,
सारी दुनिया से बेफिक्र
मानो अब उसे कोई गम ही न रहा।
वो शराब में डूबा था
या शराब ने उसे डुबा दिया था,
वो गम में डूबा था
या गम ने उसे डुबा दिया था।
ऐसा मुझे लगा नहीं
खुशी से उसने शराब पी होगी,
दुःखी रहा होगा वह
ज़रूर किसी न किसी अभाव से।
वह शराब का आदी था
या लोगों ने उसे शराबी बना दिया था,
ये नशा भी कितना अजीब है
लोगों ने उसे रस्ते का भिखारी बना दिया।
एक तो वह अभावों से त्रस्त था
दूजे लोगों ने गम भुलाने का साधन बता दियाा,
परिणाम आज रोड पर दिख रहा था
जमाने ने एक व्यक्ति को शराबी बना दिया।
बड़ी ज़ालिम है ये दुनिया
जीने नहीं देती है किसी को चैन से,
लगा कर उसे शराब की लत
उसी के पैसे की शराब पी जाते हैं बेशर्म लोग।
By Rajesh Kumar Verma

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