शब्द या मौन
By Vidushi Parekh
मौन के बारे में सोचती हूं
आज मैं मौन होकर
चुपचाप अंर्तमन से बातें करती
शब्दों के पीछे चलती
निशब्द होते शब्दों से मंत्रमुग्ध हो कर
शब्द क्या है?
शब्द कोलाहल है,शब्द शोर है
क्रोध, घृणा,लालसा के शब्द चहुंओर हैं
मंदिर मस्जिद शोर,शोर अर्चना अज़ान है
मन की वीणा से दरें,भाव किंतु मौन हैं
मौन सही है?
दशरथ का मौनराम का वनवास है
मौन है जो स्त्रियां, पितृसत्तात्मक समाज है
शिवजी का मौन कैलाश में जयकार है
द्रौपदी के शब्दों ने रचा इतिहास है
क्या सही है?
मौन का ही अर्थ है
शब्द सारे व्यर्थ हैं
शब्द जो तर्क़ तो
मनन में मौन है
मौन में इकरार तो,
शब्द में इज़हार है
शब्द निशब्द के खेल में
किसकी जीत और हार है
शब्द गर जीवन तो,मौन मोक्ष का सार है।
By Vidushi Parekh

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