वो दिन
By Shivi
नदियां होने के बावजूद प्यासे हैं
चांद होने के बाद भी अंधेरा है
पूरी कायनात साथ होने के बाद भी अकेलापन है
क्या करें तेरे बिन आजकल हर मोहल्ला जो सुना है
कुछ कहने का मन नहीं पर फिर भी कहना है
लड़ने के बाद एक दूसरे का ख्याल भी रखना है
तेरे को मारने के बाद मुझको रोना है
चिंता में तेरे कंधे पर सर रखकर रोना है
बहुत हुआ भाई अब आजा तेरे साथ ही हंसना रोना है
इंतजार रहेगा जब तू एक गिलास पानी का मांगेगा
इंतजार रहेगा जब तू मुझ पर हुकम चलाएगा
इंतजार रहेगा जब तू मुझे परेशान करके मेरा खून जलाएगा
इंतजार रहेगा जब तू आकर मुझे गले लगाएगा
तू भूल भी जाए मुझे पर मैं ना भूला पाऊंगी
आधी रात को उठकर जेब में बर्फ डालना और पंखे के आगे सोने के लिए लड़ना
हर बार मैगी खाने पर लड़ना और मिठाई चुराकर खाना
वो तेरा मुझ को डराना और देर होने पर छोड़ कर आना
मेरे लिए सब से लड़ जाना और गुस्से से अपना प्यार जताना
क्यों किया तूने इतना प्यार जब था ही इतनी दूर जाना
चलो कर लेंगे इंतजार
चलो काट लेंगे यह दिन भी
तू बदल कर मत आना
बस वैसे ही रहना क्योंकि हमने है हमेशा साथ रहना
By Shivi

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