वो ऐसी हो..
By Abhijeet Ashok Jagtap
वो ऐसी हो..
वो गुलाब के फुल जैसी हो..
के
अगर वो मेरे जिंदगी मे आ जाय
तो मुझे रुहानियत महसूस हो..
जिसे दिनभर देखता रहू..
फिर भी थक ना जाऊ..
वो ऐसी हो..
के
मुझे, उसे हरपल गले लगाने की लालसा हो..
और अगर मै उसे गले लगालू
तो मुझे रुहानी सुकून महसूस हो
वो ऐसी हो
के उसे गले लगाने के बाद
उसे मुझे छोडने का और
मुझे उसे छोडने का मन ना करे..
अगर वो मुस्कुराये
तो मै मेरे सारे दर्द भूल जाऊ..
वो इतनी समझदार हो
के
उसकी समझदारी देखकर मेरे दिल मे
उसके प्रति आदर और बढ जाय..
वो ऐसी हो
के
अगर वो मुझपे गुस्सा करे
तो और भी खूबसूरत दिखे
जब वो अपनी झुल्फ सवारे
तो उसे देखकर मेरी धडकने रुक जाय
उसके झुल्फो की थंडी छाव मे
मेरी निंद कब लग जाय
ये मुझे भी पता ना चले..
वो ऐसी हो..
के
अगर वो कही टहलने दूर चली जाय
तो फिर भी वो मेरे दिल मे धडकती रहे..
वो मुझसे ज्यादा कमाती हो
तो भी चलेगा..
लेकिन इस बात का उसे कभी गुरुर ना हो..
वो ऐसी हो..
के
जब वो मेरी तरफ देखे
तो मुझे प्यार का मतलब महसूस हो..
जब वो मेरी तरफ चलकर आये
तो ऐसा लगे
के
जन्नत खुद चलकर मेरी तरफ आ रही हो..
वो ऐसी हो
के
जब वो मुझसे बातें करे
तो दिल करे बस उसे सुनता जाऊं..
जब वो मुझे पुकारे
तो ऐसा लगे के
जैसे शहनाई बज रही हो..
वो ऐसी हो
के
जब वो शरमाये तो ऐसा लगे के
मुझपर फुलों की बारिश हो रही हो..
वो कभी कभी चीजे भूल जाय
तो भी चलेगा, लेकिन
वो मुझे कभी ना भुले
और हम दोनों के बीच का बंधन
ऐसा हो के
जैसे बंधन नही चंदन हो..
जिसकी खुशबू सदियों तक महकती रहे..
वोऐसीहो..
By Abhijeet Ashok Jagtap

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