वे पल
By कुणाल मंडल 'अनिकेत'
सबको याद होंगे वह पल,
जो पल, प्रतिपल,
हमे खुशियों से भरदेंगे,
मुश्किल घड़ी में साथ देंगे,
वे यादगार पल ।
दिल चाहता है वह रंगीन पल,
कभी वापिस फिर आएँगे,
मन की निराशा को मिटाएँगे,
होठों पर मुस्कराहट फिर लाएँगे,
वे यादगार पल ।
शर्मिंदगी के वह पल,
जिसके कारण हुई थी नाराज़गी,
उन्हीं पर कट रही है ज़िन्दगी,
बूरे वक़्त में जिसकी मौजूदगी,
से आ गई ज़िन्दगी में सादगी,
इसलिए ना भूले वे पल,
वे यादगार पल ।
By कुणाल मंडल 'अनिकेत'

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