विनती
By Narjeev Singh
है ये विनती
पढ़ने वालों से
भविष्य में भारत को
आगे ले जाने वालों से
खुद को जानो -पहचानो
यही विनती है आने वालों से
है ये विनती
मंज़िल मिलने से पहले
भाग जाने वालों से
है ये विनती
मुसीबत को देख कर
रास्ता बदलने वालों से
न हटो तुम
पीछे हार के
हार के ही जीत मिलती है
जा कर पूछ लो जीतने वालों से
नहीं बचोगे तुम भाग कर भी
जा कर पूछ लो भागने वालों से
विनती है करो तुम डट कर
मुकाबला हर मुश्किलों से
क्या होगा - क्या होगा
निकाल दो ये विचार दिल से
जीना तो है ही हर हाल में
फिर क्या घबराना मुश्किलों से
By Narjeev Singh

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