लिखने बैठे तो चंद शब्दों
By Kavita Batra
लिखने बैठे तो चंद शब्दों मे ही लिख आए , गरज ना सके ,जो महसूस हुई चीख ,
उसको तो हम बहुत पहले ही दफन कर आए ।
कहने को यह सदी मे सब ,हे तो आधा -आधा ,
ना जाने पैरों में, कब हमारे ज़ंजीर बांध आए ।
कर लो ऐतबार, तो पीठ मजबूत रखना,
ना जाने कब यहां कोई, तेरे भरोसे का सौदागर निकल आए ।
By Kavita Batra

Comments