लिखते लिखते
By Prerna
लिखते लिखते विचार आया,
क्या जो हम लिखते है,
क्या इन्हें कोई समझ पाता है,
क्या लोग इन्हें पढ़े कर,
हमारी भावनाओ को समझ पाते होगे,
या अपने ही कहानी बना लेते हैं,
क्या वो हमारे भावनाएं हमारे,
नज़रिए से देख पाते हैं ,
या हमारी लिखीं बातो को,
अपना ही एक रूप देते हैं,
क्या जो लिखते लिखते
मैने लिखा क्या आप समाज पाए
या अपने ही नज़रिया बना लिए
लिखते लिखते बस यही विचार आया है।।
By Prerna

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