लाडली छोरी
By Bindu Kumari
मां पापा की राजदुलारी,
करती रहती नादानियां बहोत सारी ।
दिल की है वो सच्ची
और है वो नर्म स्वभाव की।
मां पापा की लाड दुलारी,
बचपना है करती रहती।
जिद्द की है वो पक्की
कभी किसी को नहीं है बख्शती।
मां पापा की राज कुमारी,
करती रहती बचकानियां बहोत सारी।
जमाना है उसके पीछे,
और वो है अपने आदर्श पापा के पीछे।
मां पापा की लाडली छोरी,
करती रहती हरदम छिछोरी।
By Bindu Kumari

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