लक्ष्य
By Ateet Maurya
जब चारो ओर लगे अन्धेरा,
जब साथ छोड़ दे सब तेरा,
तू खुद का साथ न छोड़ना,
धीरज रखना,होगा सवेरा।
समय मोम - सी पिघलेगी,
दुख भी हिचकोले खाएगी,
करते जाना कर्म अपना,
खुशिया झूम कर आयेगी।
निराश समन्दर में भी तुम
रखना होठों पर मुस्कान,
स्वप्न धरा पर आ जायेगा,
करोगे जो मन का दान।
भटक कर पथ से अपने,
वापस जब तुम आओगे,
याद रखना ये बात तुम,
मंजिल को भी दूर पाओगे।
गमों की काली रात होगी,
तानो की भी बौछार होगी,
हिम्मत से डटे रहना तुम,
जीत तुम्हारे भी पास होगी।
हारे हुये सपनों पर तुम,
जीत की बुनियाद रखना,
जुगनू ही सही पर तुम,
लक्ष्य आसमान रखना।
जीवन में प्रकाश होगा,
मंजिल भी पास होगा,
पर भ्रम ना पालो ये तुम,
सब एक रात में होगा!
धूप छाँव भी सहना होगा,
रोज तुम्हे ही चलना होगा,
तब कहीं जाकर यार,
सच तुम्हारा सपना होगा।

Comments