लकीरों वाली बातें..
Updated: Dec 5, 2022
By Dixit Tarun Shah
कहा यूं किसीने,
के
तकदीर का लिखा था,
इसी लिए शायद गिर गया।
असल में,
कंकड़ पर गिरा था।
ज़ख्म कुछ इस तरह लग गया,
जो भी था हाथो पर,
अब तो सब कुछ था मिट गया।
एक पल के लिए, ये सोच लिया
के,
हां तकदीर में लिखा,
अब तो वाकेही, सब कुछ मिट गया।
लकीरो का ही तो सारा दोष था,
हां,
क्यूंकि मेहनत हम करे और,
शाबाशियाँ अक्सर वो ले गया !
By Dixit Tarun Shah

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