रेलगाड़ी
By Aahish Anilrao Deshmukh
खुब तरक्की हो रही है बहुत खुब हालात है...
स्लीपर जनरल पिछे छुटे एसी इंजिन साथ है...
देश का पेट जकड रहा अर्थ के जंजिर में...
रामराज्य ढुंड रहे हम रामलला के मंदिर में...
रामराज्य वही जहाँ हर शख्स का काम बोले...
भरपेट खुशहाली में वो जय जय श्रीराम बोले...
अर्थशास्त्र की रेलगाडी झुकझुक झुकझुक दौड रही...
आप बोले बुलेट ट्रेन, ये रूकरूक रूकरूक दौड रही...
जन गण मन की बात हो अब की मन की बात में...
स्लीपर जनरल पिछे छुट गये एसी इंजिन साथ में...
By Aahish Anilrao Deshmukh

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