रास्ता
By Manish Upreti
है जुनूँ तो चल यही रास्ता है
आफतों का रास्ता
अब यही रास्ता है
जल-जल क्यों मरें
यूं ज़िन्दगी से पहले
मंज़िलों में खाक हों
यही रास्ता है
वो जो नफरतों के शोले फेंकते हैं तुम पर
उनसे भी मोहब्बत हो यही रास्ता है
मौत है ये ज़िन्दगी दो पल की दूरी
ये दूरी ज़िन्दगी है
यही रास्ता है
By Manish Upreti

Comments