राधे राधे
By Abhishek Bagri
मेरी सांसे अब विश मांगे है
तुझमे प्रेम है दौर रहा
तू राधे राधे नाच रहीं
मैं शंभू शंभू बोल रहा
तू मेघ-गगन सी साँवली तो
मैं साफ़ गगन सा नीला हूं
मैं कंकर पत्थर पर्वत पर
सागर में विराज नगीना तू
मेरे नयन कपट, मेरा क्रोध अटल
मेरा नृत्य प्रलय-आरंभि है
तेरे नयन सुबग, तेरे बोल सरल,
ना तुझसा कोई हुड़दंगी है
तुम सृजन पर मैं विनाश नहीं,
तुम अमृत मैं अभिशाप नहीं
मैं तुझमे हूं, तू मुझमे है
ये साथ हमारा बोल रहा
तू राधे राधे नाच रहीं
मैं शंभू शंभू बोल रहा
By Abhishek Bagri

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