यार के दीदार की आरज़ू...
By Ritika Singh
उसकी आरज़ू में रात भर सोए नहीं,
अश्क आंखों में थे फिर भी रोए नहीं,
खुदा से मांगते रहे बस यही दुआ,
दिल में है जो तस्वीर वो खोए नहीं,
तो क्या हुआ गर वो नहीं है पास,
जुदा भले ही हूं पर नहीं उदास,
जब तक है जान और सांस में सांस,
दीदार-ए-यार की ज़िंदा रहेगी आस...
By Ritika Singh

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