यादों के मनके
By Amita Grover
जिये जाते हैं जिये जाते है
पल सालो मे गुज़र जाते है
ना पूछ ऐ दिल किस तरह से
आज के बीते हुए क्षण
कैसे कल में बदल जाते है
आज को सँभाल के चल ए दिल
कल इनको यादों में पिरोना है
एक मीठी याद भी है
और एक टीस सी दे जाती है
और लाख रोके फिर भी
किसी कोने से आ कर आँखें
भिगो जाते है
पर जिये जाना है ए दिल
मुस्कुरा के जिये जाते है
यादों को छुपा कर अपनी पलकों मे
होंठों पर मुस्कान रह जाती है
पर मैंने तो तुम्हारी यादों को
पिरो लिया है एक धागे मे
और उनकी एक माला बना ली है
बिलकुल वैसे जैसे फूलों की माला हो
पर मेरी माला कभी मुरझा नहीं सकती
वो आज भी मेरी यादों में है ताज़ा
तुम्हारी महकती ख़ुशबू से सरोबार
मैं जानती हूँ तुम भी देख सकते हो
उस माला के मनको को
जो साल दर साल और भी
लम्बी होती जाती है
और मैं ख़ुश हूँ ए दिल
मैंने जिस तरह संजो के रखा हे
उस को बहुत प्यार से
तुम्हारी यादों के मनकों की माला
By Amita Grover

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