यादें
By Monika Sha
इन यादे के सहारे
जीती ही चली जाऊंगी मैं
इनकी गहराइयो मे
डुबती ही चली जाऊंगी मैं।
ये जो सारी खुशियाँ है
कब मेरे आँचल में आ जाती है
ये जो सारे लम्हे है
कब यादे बन जाती है।
यह वे यादे होती है
जो हमे हँसाती है
हमे गुदगुदाती है
कभी कभी रुलाती भी है।
इन यादे के सहारे
जीती ही चली जाऊंगी मैं
इनकी गहराइयो मे
डुबती ही चली जाऊंगी मैं।
By Monika Sha

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