top of page

यह रास्ता कितना खूबसूरत है..!

Apr 21, 2023
2 min read

Updated: Jun 9, 2023

By Ananya Joni



यह रास्ता कितना खूबसूरत है... सैकड़ों पत्थर चुबे इन पाँवों में... पर यह कभी रुके नहीं। मदमस्त और बेफ़िक्र होकर.. मैं उड़ती गयी हवा के संग। नदी के तेज़ धार की तरह... हर मोड़ पर अलग गति से

बस बहती गयी बहाव के संग।

पहाड़ की चोटी पर पहुंचना है मुझे...

किसी भी हालत में बस पाना है उसे।

पर मैं क्यों भूल जाती हूँ कि...

तय किया हुआ हर मंज़िल

बस एक मील का पत्थर है।

राहों में अड़चन अनेक मिलेंगी...

पर उन्हें अपनाना है मुझे।

जिन रास्तों पर मैं चली हूँ...

वहाँ फिर गुज़रना नहीं चाहती...

पर उन्हें भूलना भी नहीं चाहती।

हर मोड़ का चुभन साथ लेकर चलना चाहती हूँ।

क्यों कि उन मोड़ों ने ही बनाया है मुझे।

यह जीवन एक जंग जैसा सफर है...

जिसे लड़ना है मुझे।




मैं कभी थमना नहीं चाहती...

न किसी को थामना नहीं चाहती हूँ।

बस हर मोड़ से प्यारा रिश्ता बनाना है..

भले ही...वह दो पल का हो...

या फिर ज़िन्दगी भर का।

मुझे किसी की मंज़िल नहीं बनना...

और ना ही किसी की हमसफर!

किसी के धड़कन में हमेशा के लिए बसूं या न बसूं।

बस हर रास्तों ने जो हवा महसूस किया हो...

वह न भूलनेवाली सांस बनना चाहती हूँ।

मैं कहीं पहुंचना नहीं चाहती...क्यों कि,

मुझे किसी मंज़िल से प्यार नहीं।

मैं कभी रुकना भी नहीं चाहती...क्यों कि,

मुझे किसी मोड़ से कोई लगाव नहीं।

अगर मैं रुक गयी तो...

कुचले जाने का डर भी है मुझे।

मुझे बस चलते जाना है...

कदम बढ़ाते रहना है...

रफ्तार से दौड़ना है, गिरना है,

गिरकर फिर संभलना है।

पर कभी रुकना नहीं चाहती!

क्यों कि...मुझे इन रास्तों से प्यार हो गया है!

मुझे आस है कि...यह रास्ता कभी खत्म न हो!

इन राहों की मज़बूत राही बनना है मुझे!

क्यों कि...मुझे इन रास्तों से प्यार हो गया है!

यह रास्ता कितना खूबसूरत है...कितना खूबसूरत है!


By Ananya Joni





Recent Posts

See All
Mirrored Truth

By Rufaida Manzoor I stood beside the silent lake, With eyes that felt no urge to break. My hair fell low in shadows deep, The waters...

 
 
 
My Antidote

By Anveeksha Reddy You fill my books with your ink, seeping into the pages bright and brilliant The words etched into the cracks of it,...

 
 
 
Avarice

By Anveeksha Reddy You tear my skin and pick on my bones I label it as gluttony for you Churning and shattering the remains of my...

 
 
 

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page