मोहब्बत
Updated: Jul 21, 2025
By Awish Aggarwal

एक दिन से होनी लगी बात हमारी काफी सही
दिल लगाने लायक मुझे तू लगने लगी
मालूम ना था इरादे क्या थे तेरे तभी
‘ दूर रह इससे ‘ मुझे समझाए सभी
फिर क्या मेरी ही नजर थी शायद लगी
कुछ रहने ना लगा जो अपने बीच सही
किसी ने ये बात सच ही है कही
मोहब्बत तो वही है जो कभी मिलती नही
By Awish Aggarwal




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