मोहब्बत
Updated: Dec 2, 2022
By Dharmendra Kumar
मोहब्बत में मोहब्बत की कहानी चाहिए थी,
मुझे मेरे शहर की ही दीवानी चाहिए थी।
मेरी शोहरत मेरी दौलत अजी ये सब तुम्हारा है,
मुझे तो बस तुम्हारी एक निशानी चाहिए थी।
हमारे दिल के किस्सों में अजब सी फुसफुसाहट है,
हमारे बीच में कुर्वत बढ़ानी चाहिए थी।
जमाना रूठ जाए गर तो कोई बात नही,
मुझे रूठी हुई बेगम मनानी चाहिए थी।
बहुत सी लड़कियां आई मुझे अपना बनाने, पर,
मुझे तो सिर्फ मेरे दिल की रानी चाहिए थी।
By Dharmendra Kumar

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