मैं बैठा हूँ मैं तो अपनी यहाँ मिसाल बना के बैठा हूँ कलम से कागज़ तक रिश्ता निभा के बैठा हूँ चाहिए नह
Updated: Jun 7, 2023
By Arjun Singh
मैं तो अपनी यहाँ मिसाल बना के बैठा हूँ
कलम से कागज़ तक रिश्ता निभा के बैठा हूँ
चाहिए नहीं कुछ और मुझे अब यहाँ क्यों की
मैं दुश्मन से भी मोहब्बत कमा के बैठा हूँ
मेरे बाद मेरी कहानी यहाँ बदली ना जा सके
लिखकर अपनी दास्तान तुमको सुना के बैठा हूँ
मैं रास्तो से हरदम गुज़रता रहा क्यों की
मंज़िलो से रिश्ता कब के गँवा के बैठा हूँ
मंज़िल मिल गयी तो रुकना भी पड़ सकता है
बदलकर सफ़र मंज़िल नयी बना के बैठा हूँ
By Arjun Singh

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