मैं गलत नही
Updated: Dec 2, 2022
By Shlok Jain
मैं गलत नही,
बस समझा ना पाता हूं ,
शब्दो के इस जाल में कही,
उलझ सा जाता हूं,
खामोश रहना आता नहीं,
और कह कर, सब कुछ बिगाड़ आता हूं,
मैं गलत नही,
बस समझा ना पाता हूं ।
आज कल ना जाने क्यों,
जल्दी से चीड़ भी जाता हूं,
सबकी सुनते सुनते थक जाता हूं,
अंदर से कोसते हुए खुद को,
बाहर से रो भी जाता हूं,
मैं गलत नही,
बस समझा ना पाता हूं ।
यूं तो बाते पहले भी हुआ करती थी,
पर अब उन बातो में,
वो प्यार ना खोज पाता हूं,
रो देता है ये दिल भी जब,
खुद को सबके साथ भी अकेला पाता हूं,
मैं गलत नही,
बस समझा ना पाता हूं ।
थोड़ा बहुत समझ मैं भी जाता हूं,
शायद पूरा नहीं,
पर थोड़ा सही गलत का अंदाजा लगा ही लेता हूं
हर बार एक नई उम्मीद भी साथ लेता हु,
मगर क्या करू यार,
खुद को अकेला देख कर,
वो भी हार देता हूं,
मैं गलत नही,
बस समझा ना पाता हूं ।
अकसर राते भी बिना सोए गुजार देता हूं,
मालूम ना हो किसी को,
तो चेहरे पे एक मुस्कान भी ठान लेता हूं,
और कुछ ना सही,
पर अपने दर्द को दिल में,
बड़ी खूबसूरती से छुपा लेता हूं,
मैं गलत नही,
बस समझा ना पाता हूं ।
By Shlok Jain

Comments