मैं क्या बनूं
By Anubha Sinha
मैं क्या बनूं, हो जाऊं महान
जो भी करूं बस हो जाए धमाल
मैं क्या बनूं
नेता सब को भाषण देता
कभी देश बनाता, कभी उसे डुबोता
पर है वो शासन का आधार
सभी नियम कानून की प्रधान
मैं क्या बनूं
डॉक्टर, सभी को बीमारियों से मुक्ति दिलाता
भगवान के बाद इस धरती पर
दूसरा इसी का नाम है आता
मैं क्या बनूं
इंजीनियर, बड़े- बड़े मशीन बनाता
धरती से अम्बर तक यंत्रों का जाल बिछाता
तभी जहां में नए-नए तकनीक चल पाता
मैं क्या बनूं
वैज्ञानिक, असंभव को संभव करता
प्रकृति के रहस्यों से पर्दा गिराता
मैं क्या बनूं
वकीलों के झूठ-सच का बोल
पर लोगों के लिए है अनमोल
कानून के दर्पण से, न्याय तक ले जाते
मैं क्या बनूं
शिक्षक, सभी को अक्षर के ज्ञान से परिचय करवाता
शिक्षा का सार है लोगों में भरता
इसीलिए है सबसे पूजनीय इसका कार्य
इसके अलावा भी हैं ढेरों काम
सब्जीवाला, दूधवाला, पेपरवाला
सबों के काम का है अपना मान
इसीलिए सभी का कार्य है सृष्टि का आधार
इसलिए मैं जो भी बनूं बस उसमे रहूं सदा ईमानदार
By Anubha Sinha

Comments