मैं कौन हूँ
Updated: Oct 14, 2025
By Kratika Agrawal
मेरे अस्तित्व का आधार क्या है?
मैं आँचल हूँ मेरी माँ के संस्कारों का
या गुत्थि तो पिता के कर्मों की
परिणाम हूँ परिवार के व्यक्ति विशेष गुणों का
या प्यास हूँ किसी के टूटे सपनों की
हूँ कौन?
परछाईं हूँ या प्रेरणा?
संकल्प हूँ या द्रोण हूँ विकल्पों का?
मार्ग की धारा हूँ या किसी का सहारा हूँ?
पराक्रमी बुद्धि हूँ या असफल योजना हूँ?
निर्बलता का संघार हूँ
या स्वच्छंदता का आकार हूँ
हर्ष उल्लास की शक्ति हूँ
या ईश्वर की भक्ति हूँ
कीचड़ का कमल हुँ
या मस्तक का मौर पंख हूँ
हूँ कौन मैं?
आखिर क्या आधार है मेरी प्रगति का
सूर्य की छाया हैं
या चंद्र की माया हैं
बुद्धिजीवी की सोच हैं
या सामर्थ्य का प्रहार
स्वयं विचार कीजिए?
उत्तर
इक धारा के समान मनुष्य
निरंतर बहता रहता है
सब जग का धर्म मैल
वो साथ संजोकर चलता है
मेरा अस्तित्व मेरी मूल नहीं
अपितु दैन है मेरे जीवन मार्ग की
ना माता ना पिता
मैं देह नहीं केवल इनके संतान की
मेरा पद मेरा स्वभाव निश्चित करता है
मेरी स्वच्छंदता मेरा मन निमित्त करता है
मेरा परिणाम मेरी बुद्धि निश्चित करती है
मेरा सामथ्र्य मेरी लालसा का आवाह्न हैं
जो प्रतिदिन इक नया रूप धारण करता है
मैं परछाईं हूँ मेरे भोगे भाग्य की
मैं परिणाम हूँ भेंट हूए स्वभावों का
मैं दृष्टि हूँ मानव की मलीनता की
मैं नायिका हूँ उनके उद्घार की
मैं ईश्वर की शक्ति का रूप हूँ वो
जिससे संसारिक योग्यता का प्रमाण प्राप्त होता हैं
मैं घटा हूँ वो जो सत्वचनों से
भीगोकर भी उत्थान की ओर ले जाती हैं
आलौकिक दृवियों की ऋणि हूँ
By Kratika Agrawal

Beautiful written 👌
Nice