मैं एक लड़की हूँ
By Priyansh Jaiprakash Singh
मेरे भी सपने हैं, मेरे भी अरमान हैं,
जिन्हे हासिल करने के लिए, मैं रोज
इस जगत से लड़ती हूँ,
मैं कोई वस्तु नहीं, मैं एक लड़की हूँ।
मेरे भी इमोशंस है, मेरी भी फीलिंग्स है,
जिन्हे मैं अक्सर आंसुओं और शब्दों
में झलका देती हूँ,
मैं कोई वस्तु नहीं, मैं एक लड़की हूँ।
मेरी भी अपनी बुद्धि है, मेरे भी अपने फैसले,
जिनसे में जग बदलने की प्रेरणा रखती हूँ,
मैं कोई वस्तु नहीं, मैं एक लड़की हूँ।
मेरा भी अपना शरीर है, मेरा भी अपना हौसला,
जिस से मैं कठिन से कठिन काम
करने का इरादा रखती हूँ,
मैं कोई वस्तु नहीं, मैं एक लड़की हूँ।
उम्मीद करती हूँ की यह बात मेरे देश और
समाज को समज आएगा और, लड़की को वस्तु
समझकर रौंदने वालों को यह एहसास करा पाएगा,
"की तेरी इस हरकत ने सिर्फ तुझे नहीं, तेरी उस माँ
के खोक को भी शर्मिंदगी का पात्र बना दिया,
जिसने तुझे ९ महीने पाला "
By Priyansh Jaiprakash Singh

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