मेरे लिए तू
By Deepika
सितारों से पूछ,
चाँद की रज़ा क्या है;
तुझसे जुङी अगर सलाखें ना मिली तो,
मेरे लिए वो सजा क्या है;
लफ्जों को तो सुन सकता है हर कोई मगर,
मेरी खामोशी को तू पढ़ कर मुझे सुनाए,
मेरे लिए इस से ज्यादा नशा क्या है;
कहने को तो एक अजीब दास्तां है दरमियां मगर,
तुझे पाने के लिए खुद को मिटा ना लूं तो,
मेरे लिए उससे ज्यादा मजा क्या है।
By Deepika

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