मेरी शायरी
By Kruthika Mantha
ये मेरी शायरी हैं
सिर्फ ही मेरी
न ये रब् की कहानी!
न ये सब् की सच्चाई!!
न ये दिन् का सूरज्!
न ये रात् की तारा!!
न ये सत्य् की रूप्!
न ये असत्य् की स्वरूप्!!
न ये खुशी की आंसू!
न ये दुख् में हान्स्!!
न ये प्यार् की दर्वाजा!
न ये नफरत् का रास्ता!!
ये मेरी शायरी हैं
मेरी आंखों से समझी
इस् दुनिया की कहानी
ये मेरी शायरी हैं!
सिर्फ ही मेरी!!
By Kruthika Mantha

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