मेरी मोहब्बत
By Poonam Subhash Jadhav.
कातिलाना उसकी नजरों ने,
ऐसा वार किया था,
हम तो जिंदा थे,
बस हमारा दिल जखमी हो गया था,
दिल हार बैठे थे,
उसकी एक नजर से,
आज जान भी दे सकते है,
इतना पागल बनाया है,
उसकी मोहब्बत ने,
वो पहली मोहब्बत है हमारी
और आँखरी भी,
दिल बस मैनें नहीं लगाया,
उसने दिल ही नही,
हमपर जान लुटाई है अपनी भी,
पागल हूँ मै,और वो भी,
डर जाते है,
एक दुजे को खोने के खौफ से
दोनों भी,
कभी कभी झगड़ा हो जाता है,
फिर जिसकी गलती हो,
वो माफी माँग लेता है,
एक-दुजे को,
हम अब अच्छे से समझने लगे है ,
बिन बोले ही,
दिल की बात उमगने लगे है,
बाँधी है जो डोर खुदा ने,
अब कभी ना टूटे,
जब ना रहेगी इन जिस्मों मे जान,
तब भी हमारा साथ ना छुटे…
By Poonam Subhash Jadhav.

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