मेरी धडकनों की आवाज
By Cheshta Kabra
मेरे प्यारे प्यारे पापा,
मेरी धडकनों से निकलती आवाज है मेरे पापा।।
मेरी हर इच्छा को पूरी करने के लिए सब कुछ सह जाते मेरे पापा।।
उनका गुस्सा जैसे जवालामुखी का फटना…
उस समय हमारी माँ का हमेशा बचाना…
हर काम मे परफेक्शन माँगते है।।
मेरी गलतियों पर मुझे प्यार, डाट के तो कभी मार के भी
सुधारना भी जानते है मेरे पापा।।
पढाई के टाईम पर सीरियस हो जाते हैं मेरे पापा।।
और खेलने की बात आए तब इँजाय भी कराते है मेरे पापा।।
मेरे पापा को चेहरे से ही पता चल जाता है,
मुझे कब क्या चाहिए।।
मेरे पापा को सफाई से है बहुत प्यार,
थोड़ी सी भी गदंगी नहीं होती है बर्दाशत ,
बर्थडे भी आता है उनक इन्वायरमेट पर ,
पौधों से भी करते हैं खूब प्यार।।
हमारे बर्थडे पर भी लगवाते है हमसे एक पौधा,
और फिर पानी डलवाते है उसमे बारम बार।।
मेरी खामोशी को भी समझते हैं मेरे पापा,
मेरे रोने पे व्याकुल हो जाते हैं मेरे पापा।।
वो जैसे भी है मुझे बहुत अच्छे लगते है,
मुझे मेरी जान से भी ज्यादा प्यार लगते है मेरे पापा।।
By Cheshta Kabra

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