मेरी दुआ
Updated: Jun 10, 2023
By Nitika Soin
मेरे रुके हुए सजदों को जबीं दे दे
मेरे टूटे हुए हौसले को यकीन दे दे।
फिर से ख्वाबों ने दस्तक दी है दिल पे
फिर से मेरे पैरों को ज़मीन दे दे।
किरचें-किरचें जोड़कर एक नया चाँद बनाया है,
इस चाँद को चेहरा ज़रा हसीं दे दे।
सुनो, वो चाँद का सिक्का भी छुपा देती है,
तू रात को कोई सज़ा संगीन दे दे।
मेरी कोशिश-ए-कलाम रायगा न जाए कहीं,
मेरे शेरों को हाज़रीन दे दे।
By Nitika Soin

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