मेरी खामोशी को इन्साफ दो
By Abhijeet Ashok Jagtap
मेरी खामोशी को इन्साफ दो..
मेरे लफ्जो को आवाज दो..
ना जाने ये चूप क्यूँ बैठे है..
मेरी अधुरी नज्म कोई पुरी कर दो..
मेरे हौसले कोई बुलंद कर दो..
मेरी आत्मा को सम्मान दो..
मेरी खामोशी को इन्साफ दो..
मेरी कलम मे कोई इन्सानियत की
स्याही भर दो..
मेरे अकेलेपन को कोई दूर कर दो..
मेरे टूटते सपनों को कोई पुरा कर दो..
मेरी खामोशी को इन्साफ दो..
मेरे टूटे हुये दिल मे कोई आगमन कर लो
मेरी जिंदगी को कोई उजागर कर दो
मेरे जजबातों को कोई बयाँ कर दो..
मेरी खामोशी को इन्साफ दो..
By Abhijeet Ashok Jagtap

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